आयुर्वेद

'आयुर्वेद' नाम का अर्थ है, 'जीवन से सम्बन्धित ज्ञान'। आयुर्वेद, भारतीय आयुर्विज्ञान है। आयुर्विज्ञान, विज्ञान की वह शाखा है जिसका सम्बन्ध मानव शरीर को निरोग रखने, रोग हो जाने पर रोग से मुक्त करने अथवा उसका शमन करने तथा आयु बढ़ाने से है।

आयुर्वेद एक प्राचीन चिकित्सा विज्ञान है

आयुर्वेद 5,000 वर्षों से भारत में प्रचलित है। यह शब्द संस्कृत के शब्द अयुर (जीवन) और वेद (ज्ञान) से आया है। आयुर्वेद, या आयुर्वेदिक चिकित्सा को कई सदियों पहले ही वेदों और पुराणों में प्रलेखित किया गया था।

आयुर्वेदिक दर्शन के अनुसार हमारा शरीर

आयुर्वेदिक दर्शन के अनुसार हमारा शरीर पांच तत्वों (जल, पृथ्वी, आकाश, अग्नि और वायु) से मिलकर बना है। वात, पित्त और कफ इन पांच तत्वों के संयोजन और क्रमपरिवर्तन हैं जो सभी निर्माण में मौजूद पैटर्न के रूप में प्रकट होते हैं।

पित्त शरीर की चयापचय प्रणाली के रूप में व्यक्त करता है

आग और पानी से बना है। यह पाचन, अवशोषण, आत्मसात, पोषण, चयापचय और शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है। संतुलन में, पित्त समझ और बुद्धि को बढ़ावा देता है। संतुलन न होने से, पित्त क्रोध, घृणा और ईर्ष्या पैदा करता है।

शरीर का शुद्धिकरण

आयुर्वेद में पंचकर्म में एनीमा, तेल मालिश, रक्त देना, शुद्धिकरण और अन्य मौखिक प्रशासन के माध्यम से शारीरिक विषाक्त पदार्थों को समाप्त करने का अभ्यास है। आयुर्वेदिक हर्बल दवाओं में बड़े पैमाने पर उपयोग किए जाने वाले उपयुक्त घरेलू उपचार जीरा, इलायची, सौंफ और अदरक हैं जो शरीर में अपच को ठीक करते है।

आयुर्वेद के दोहे


 1.जहाँ कहीं भी आपको,काँटा कोइ लग जाय। दूधी पीस लगाइये, काँटा बाहर आय।।

2.मिश्री कत्था तनिक सा,चूसें मुँह में डाल। मुँह में छाले हों अगर,दूर होंय

तत्काल।।

3.पौदीना औ इलायची, लीजै दो-दो ग्राम। खायें उसे उबाल कर, उल्टी से आराम।।

4.छिलका लेंय इलायची,दो या तीन गिराम। सिर दर्द मुँह सूजना, लगा होय आराम।।

5.अण्डी पत्ता वृंत पर, चुना तनिक मिलाय। बार-बार तिल पर घिसे,तिल बाहर आ

जाय।।

6.गाजर का रस पीजिये, आवश्कतानुसार। सभी जगह उपलब्ध यह,दूर करे अतिसार।।


7.खट्टा दामिड़ रस, दही,गाजर शाक पकाय। दूर करेगा अर्श को,जो भी इसको खाय।।

8.रस अनार की कली का,नाक बूँद दो डाल। खून बहे जो नाक से, बंद होय तत्काल।।

9.भून मुनक्का शुद्ध घी,सैंधा नमक मिलाय। चक्कर आना बंद हों,जो भी इसको खाय।।

10.मूली की शाखों का रस,ले निकाल सौ ग्राम। तीन बार दिन में पियें, पथरी से

आराम।।

11.दो चम्मच रस प्याज की,मिश्री सँग पी जाय। पथरी केवल बीस दिन,में गल बाहर

जाय।।

12.आधा कप अंगूर रस, केसर जरा मिलाय। पथरी से आराम हो, रोगी प्रतिदिन खाय।।

13.सदा करेला रस पिये,सुबहा हो औ शाम। दो चम्मच की मात्रा, पथरी से आराम।।

14.एक डेढ़ अनुपात कप, पालक रस चौलाइ। चीनी सँग लें बीस दिन,पथरी दे न दिखाइ।।

15.खीरे का रस लीजिये,कुछ दिन तीस ग्राम। लगातार सेवन करें, पथरी से आराम।।

16.बैगन भुर्ता बीज बिन,पन्द्रह दिन गर खाय। गल-गल करके आपकी,पथरी बाहर आय।।

17.लेकर कुलथी दाल को,पतली मगर बनाय। इसको नियमित खाय तो,पथरी बाहर आय।।

18.दामिड़(अनार) छिलका सुखाकर,पीसे चूर बनाय। सुबह-शाम जल डाल कम, पी मुँह

बदबू जाय।।

19. चूना घी और शहद को, ले सम भाग मिलाय। बिच्छू को विष दूर हो, इसको यदि

लगाय।।

20. गरम नीर को कीजिये, उसमें शहद मिलाय। तीन बार दिन लीजिये, तो जुकाम मिट

जाय।।

21. अदरक रस मधु(शहद) भाग सम, करें अगर उपयोग। दूर आपसे होयगा, कफ औ खाँसी

रोग।।

22. ताजे तुलसी-पत्र का, पीजे रस दस ग्राम। पेट दर्द से पायँगे, कुछ पल का

आराम।।

23.बहुत सहज उपचार है, यदि आग जल जाय। मींगी पीस कपास की, फौरन जले लगाय।।

24.रुई जलाकर भस्म कर, वहाँ करें भुरकाव। जल्दी ही आराम हो, होय जहाँ पर घाव।।

25.नीम-पत्र के चूर्ण मैं, अजवायन इक ग्राम। गुण संग पीजै पेट के, कीड़ों से

आराम।।

26.दो-दो चम्मच शहद औ, रस ले नीम का पात। रोग पीलिया दूर हो, उठे पिये जो

प्रात।।

27.मिश्री के संग पीजिये, रस ये पत्ते नीम। पेंचिश के ये रोग में, काम न कोई

हकीम।।

28.हरड बहेडा आँवला चौथी नीम गिलोय, पंचम जीरा डालकर सुमिरन काया होय॥

29.सावन में गुड खावै, सो मौहर बराबर पावै॥


गुलाबी होंठो के लिए आयुर्वेद (Pink Lips)

चेहरे की सुंदरता में होंठों का विशेष महत्व है खासकर आकर्षक गुलाबी होंठो (Pink Lips) का । कवियों ने भी होंठों को अपनी रचनाओं में प्रमुख स्थान दिया है। किसी ने इन्हें गुलाब की पंखुड़ियां कहा है तो किसी ने मोगरे के फूलों से इनकी तुलना की है। वैसे यह सच भी है कि गुलाबी लाल होंठ चेहरे की सुंदरता में चार चाँद लगा देते हैं। पर सभी के होंठ प्राकृतिक रूप से सुंदर नहीं होते है , परंतु उनकी उचित देखभाल व सौंदर्य प्रसाधनों के उचित उपयोग से होंठ आकर्षक बन सकते हैं। प्रत्येक स्त्री को अपने होंठों की देखभाल करनी चाहिए। इसलिए इस लेख में हम बताएँगे की कैसे कुछ घरेलू सामग्रियों की मदद से होंठों को कोमल, नाजुक व गुलाबी रंगत में लाया जा सकता है। जिनके कोई साइड इफेक्ट्स भी नहीं होते है |


गुलाब जल (rose water): 

गुलाब जल और गुलाब की पंखुड़ियों से बनाये आकर्षक गुलाबी होंठ (Pink Lips) / get pink lips with rose petals and Rose water. 

कुछ शहद की बूंदों में एक बूंद गुलाब जल की मिलकर अपने होंठ पर लगाये. दिन में 3-4 बार इसे दोहराए. इससे आपके lips pink के साथ मुलायम भी होंगे.


चुकंदर (Beetroot): 

चुकंदर का जूस निकालकर रात को सोते टाइम अपने काले होंठो पर लगेये और अगले दिन सुबह उसे धों ले. चुकंदर में मौजूद प्राक्रतिक लाल रंग होंठो की लाली लाने में मददगार होता है.


 अनार: 

अनार एक नेचुरल तरीका है गुलाबी होंठ (Gulabi Honth) पाने का, अनार के बीज का रस लेके उसमे थोडा गाजर का रस भी मिला ले. इसे daily दिन में 1 बार लगाये, इससे आपके काले होंठ गुलाबी के साथ सूखापन भी दूर होगा.


 संतरे का छिलका – 

क्या आप संतरा खा कर छिलका फेंक देते हैं? इसे आप होंठों को अतिरिक्त चमक देने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।


 जैतून का तेल, अच्छे गुलाबी होंठ पाने के लिए शहद 

जैतून का तेल, अच्छे गुलाबी होंठ पाने के लिए शहद और नींबू के रस के साथ जैतून का तेल का प्रयोग करें। इन तीनों को मिलाकर एक बाम बनाएँ और रोज़ाना इस्तेमाल करें।


हल्दी का स्क्रब – 

हल्दी पाउडर और दूध का पेस्ट बनाकर होंठों को एक साफ ब्रश से साफ करके लगाएँ। 2-3 मिनट बाद फिर से ब्रश से रगड़ें। होठ लाल कैसे करे , होठों को तौलिए से साफ़ करके एक प्राकृतिक बाम लगाएँ।


 नींबू का रस – 

नींबू अपनी प्राकृतिक विरंजन गुणों के लिए जाना जाता है और काले होठों के लिए सबसे अच्छा उपाय है। यह होठों से काले धब्बों को दूर करता हैं। सोने से पहले होठों पर नींबू का रस लगाएँ।


 घर का बना झरबेरी बाम – 

झरबेरी और पेट्रोलियम जेली को मुलायम गुलाबी होंठ पाने के लिए इस्तेमाल करें। 


एलो वेरा जेल 

एलो वेरा जेल लगाने से भी होंठ कोमल रहते है |


बिस्तर पर जाने से पहले रोज़ 

बिस्तर पर जाने से पहले रोज़ एक लिप क्रीम (विटामिन ई वाली) के साथ अपने होंठों की मालिश।


 अपनी मुस्कराहट वाली रेखा 

अपनी मुस्कराहट वाली रेखा को तर्जनी अंगुली से उपर की तरफ हलके से मालिश करें।



सफेद और चमकते दांत

सफेद और चमकते दांत किसी की भी पर्सनेलिटी में निखार ला सकते हैं। बहुत से लोग पीले दांतों के कारण लोगों के सामने हंसने से बचते हैं या मुंह पर हाथ रखकर हंसते हैं। दांत ज्यादातर उम्र के कारण, दांतों की ठीक से सफाई न होने के कारण, बहुत ज्यादा चाय या कॉफी पीने के कारण अथवा तंबाकू और सिगरेट पीने के कारण पीले हो जाते हैं।

कभी कभी किसी बीमारी के कारण भी दांत पीले हो जाते हैं। हालांकि पीले दांतों को सफेद बनाना कोई मुश्किल काम नहीं है। थोड़ी सी मेहनत से आप पीले दांतों को सफेद बना सकते हैं। आइए आपको कुछ घरेलू नुस्खे बताते हैं जो आपके दांतो की सफेदी और चमक को बनाए रखेंगे।


पीले दाँत के कारण (Yellow Teeth Causes)

दांतों में पीलापन आना हमारे गलत रहन-सहन के कारण तो कई बार साफ-सफाई ना रखने के कारण होता है। कुछ अन्य कारण भी हैं  जिनके कारण दांत पीले होते हैं, जैसे: 


पीले दांतों का मुख्य कारण (Causes of Yellow teeth in Hindi)

तंबाकू, गुटका, शराब आदि के ज्यादा सेवन करने से दांत पीले हो सकते हैं। 

कुछ लोगों में उम्र बढ़ने के साथ-साथ दांतों पर प्लैक की परत चढ़ती जाती है। इससे भी दांत पीले दिखने लगते हैं। 

ज्यादा मात्र में चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक का सेवन करने से भी दांत पीले होने लगते हैं। 


फ्लोरोसिस : देश के कई शहरों के पानी में फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने के कारण दांतों का रंग बदरंग हो जाता है। उनमें ऊपर पीले एवं सफेद चिकत्ते दिखाई पड़ते हैं। 


प्रोबॉयोटिक्‍स रखना: अगर दांतों में ढीलापन महसूस होता है तो प्रोबॉयोटिक्‍स से राहत मिल सकती है। इससे संक्रमण खत्‍म हो जाता है। इसे पाने के लिए आपको दही का सेवन करना चाहिए।


एसिटिक फ्रूट का सेवन का न करें: जिन फलों के सेवन से शरीर में एसिड ज्‍यादा मात्रा में बनता है उनका सेवन न ही करें तो बेहतर होगा। एसिड बनाने वाले फल, दांतों की सेंसिटिविटी में इजाफा कर देते हैं।



इलाज


1. बेकिंग सोडा दांतों को सफेद बनाने का सबसे आसान तरीका है। यह दांतों से प्लाक को खत्म करके दांतों की सफेदी और चमक बनाए रखता है।

कैसे उपयोग करें

- रोज ब्रश करते समय अपने पेस्ट में थोड़ा सा बेकिंग पाउडर डालें और ब्रश करें। दांतों की सफेदी लौट आएगी।

- एक कप पानी में बेकिंग सोडा और हाइड्रोजन पर ऑक्साइड (hydrogen peroxide) मिलाकर माउथ वॉश (mouthwash) की तरह भी इस्तेमाल किया जा सकता है।


2. संतरे के छिलके से रोज दांतों की सफाई करने से कुछ ही दिनों में पीले दांत चमकने लगेंगे।

कैसे उपयोग करें

- रोज रात को सोते समय संतरे के छिलके को दांतों पर रगड़ें। संतरे के छिलके में विटामिन सी (vitamin c) और कैल्शियम के साथ माइक्रोऑर्गेनिज्म (micro organism) होता है जो दांतों की मजबूती और चमक बनाए रखता है।


3. स्ट्रॉबेरी में भी विटामिन सी प्रचुर मात्रा में होता है जो कि दांतों को सफेद बनाने में सहायक है।

कैसे उपयोग करें

- स्ट्रॉबेरी के कुछ टुकड़ों को पीसकर, इस लेप को दांतों पर लगाकर मसाज करें। इसे दिन में दो बार करने से कुछ ही दिनों में पीले दांत सफेद होने लगते हैं।

- बेकिंग सोडा और स्ट्रॉबेरी के पल्प को मिलाकर भी दांतों पर रगड़ने से दांतों का पीलापन खत्म होता है।


4. नींबू के प्राकृतिक ब्लीचिंग (natural bleach) के गुण दांतों पर भी असर दिखाते हैं। पीले दांतों के लिए नींबू के छिलके को दांतों पर रगड़ा जा सकता है, या नींबू के पानी से गरारे भी किए जा सकते हैं।


कैसे उपयोग करें

- नींबू के साथ नमक मिलाकर दांतों की मसाज करें।

- दो हफ्तों तक रोजाना दो बार करने से दांत चमकने लगेंगे।


5. नमक को पुराने समय से ही दांतो की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। यह दांतों के खोए मिनरल्स लौटाता है जिससे दांतों का सफेद रंग बना रहता है।

कैसे उपयोग करें

- रोजाना सुबह टूथपेस्ट की तरह नमक को दांतों की सफाई के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। नमक को चारकोल में मिलाकर भी दांतों की सफाई की जा सकती है जिससे दांत सफेद होते हैं।

- नमक और बेकिंग पाउडर मिलाकर भी मंजन तैयार किया जा सकता है।

मसूड़ों को स्वस्‍थ रखने के लिए नमक के पानी से कुल्ला करना चाहिए। तीन दिन में एक बार नमक के पानी से कुल्ला करें। इससे तुरंत आराम मिलेगा।

नमक और सरसों के तेल से मसाज करना भी फायदेमंद होता है. आप चाहें तो सिर्फ सरसों के तेल से भी दांतों और मसूड़ों की मसाज कर सकते हैं.


6. तुलसी में भी दांतों को सफेद बनाने का गुण होता है। इसके साथ ही तुलसी पायरिया आदि से भी दांतों की रक्षा करती है।

कैसे उपयोग करें

- तुलसी के पत्तों को सुखाकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को रोजाना इस्तेमाल करने वाले टूथपेस्ट में मिलाकर दांतों की सफाई करें।

- तुलसी के पत्तों का पेस्ट बनाकर उसमें सरसों का तेल (mustard oil) मिलाएं। इस पेस्ट से दांतों की सफाई करने पर भी बहुत फायदा होता है।


7. सेब को डाइट में शामिल करने से भी दांतों की सफेदी लौटाई जा सकती है। सेब की क्रंचीनेस दांतों को प्राकृतिक तौर पर स्क्रब करती है। रोजाना एक या दो सेब जरूर खाएं और खूब चबा चबा कर खाएं। इसी तरह गाजर और खीरा भी कच्चा खाने से दांत सफेद तथा मजबूत बनते हैं।

- सेब का सिरका(एप्पल सिडर विनेगर) आपके दांतों का पीलापन हटाकर, आपको सफेद और चमकदार मुस्कान दे सकता है. बस लगभग एक कप पानी में आधा चम्मच सेब का सिरका लें और अपने टूथब्रश की सहायता से दांतों पर इससे तब तक ब्रश करें, जब तक आपके दांत पूरी तरह से साफ न हो जाएं. दांतों के दाग हटने के साथ ही धीरे-धीरे आपके दांतों पर चमक भी आ जाएगी.

- नींबू के रस में नमक और थोड़ा सा सरसों का तेल मिलाएं और अब ब्रश की सहायता से दांतों को इससे ब्रश करें. दांतों में चमक लाने का यह बहुत ही पुराना और कामयाब तरीका है.

- केले के छिलके के अंदर के हिस्से को दांतों पर रगड़ें और बाद में गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें. दांतों का पीलापन कम धीरे-धीरे कम होने लगेगा.

सेब का सिरका इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान:

- सेब का सिरका इस्तेमाल करते समय बॉटल को अच्छी तरह से हिलाएं, तभी इस्तेमाल करें.

- बगैर पानी में घोले इसका इस्तेमाल करना हानिकारक हो सकता है, क्योंकि यह प्राकृतिक अम्ल है. यानी यह एसि‍डिक नेचर का है.

- इसका अत्यधि‍क प्रयोग करने से बचें और दिन में एक बार से ज्यादा इसका इस्तेमाल न करें.






ग्लैमरस दिखने के घरेलू नुस्खे

महंगे ब्रैंड्स पर आप हज़ारों रूपये खर्च कर सकते हैं लेकिन क्या‍ कभी आपने आकर्षक त्वचा पाने के लिए प्राकृतिक उपाय अपनाने का प्रयास किया है? । 


# अण्डे हैं कांतिमय त्वचा के लिए : तैलीय त्वचा वालों को चेहरे पर अण्डे का सफेद भाग लगाना चाहिए। शुष्क त्वचा वालों को अण्डे का पीला भाग लगाना चाहिए। त्वचा के रोम छिद्रों को संकुचित करने के लिए अण्डे बहुत महत्वपूर्ण हैं और इनसे झुर्रियों से भी बचाव हो सकता है।


# क्रीमी मसाज का स्पर्श : खूबसूरत त्वचा पाने के लिए अपनी त्वचा के अनुरूप क्रीम चुनें। दो से तीन बड़े चम्मच से क्रीम लें और उससे चेहरे पर अपवर्ड सर्कुलर मूवमेंट में मसाज़ करें और जादू देखें। इससे ना केवल आपकी त्वचा दमकेगी बल्कि चेहरे की शुष्कि भी खत्म हो जायेगी। 


# फलों से निखारें सौंदर्य :  नीबू का रस, सेब का रस और अनानास के रस दमकती त्वचा के लिए सबसे अच्छे घरेलू नुस्खे हैं। जूस के मिश्रण को चेहरे पर लगाकर 10 से 15 मिनट तक छोड़ दें और फिर चेहरा धो लें। फलों में एस्ट्रिन्जेन्ट और ब्‍लीचिंग के गुण होते हैं जिससे आपकी त्वचा पर प्राकृतिक निखार आयेगा। 


# बेदाग खूबसूरती के राज़ खोलें :  आपके चेहरे की खूबसूरती को अकसर ब्लैकहैड्स चार चांद नहीं लगने देते। लेकिन हमारे पास इसका इलाज है। पिसी हुई काली मिर्च और दही का पेस्ट चेहरे पर लगायें। इसे 10 से 15 मिनट तक छोड़ दें और पानी से त्वचा धो लें और फर्क देखें। 


# आहार और त्वचा का अनोखा सम्बन्ध :  फाइबर की अधिक मात्रा वाले आहार, हरी सब्जि़यां और एण्टींआक्सिडेंट का प्रयोग करें क्योंकि इनसे त्वचा की आवश्यकता पूरी होती है। 

ध्यान रखें कि किसी भी प्रकार के बाहरी पदार्थ आपकी त्वचा के लिए तबतक लाभकारी नहीं होते जबतक कि आप स्वस्थ आहार नहीं लेते। 


# गुलाबी त्वचा के लिए दूध और टमाटर :  एक साफ टमाटर को पीस लें और इसमें दो बड़े चम्मच दूध के मिला लें। इस मिश्रण को कम से कम 10 मिनट तक चेहरे पर लगायें। चेहरा पानी से धो लें। यह डीप क्लीन्ज़र की तरह काम करेगा और त्वचा को तैलीय होने से बचायेगा।

गोरेपन के लिए आहार

 1. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर आहार का सेवन करें।

2. मौसमी फलों का सेवन करना त्वचा के लिए अच्छा हो सकता है।

3. खाने में सलाद का प्रयोग जरूर करना चाहिए।

4. विटामिन ई युक्त आहार त्वचा को जवां बनाते हैं


आजकल के प्रदूषण और भागदौड़ भरे जीवन में त्वचा की कोमलता को बनाए रखने के लिए काफी जतन करना पड़ता है। प्राकृतिक उपचारों और नियमित ढंग से खानपान से त्वचा को कोमल बनाया जा सकता है। खानपान का सीधा प्रभाव हमारी त्वचा पर पड़ता है। पोषक गुणों से भरपूर खाद्य पदार्थ हमारे स्वास्थ्य के साथ-साथ हमारी त्वचा को भी फायदा पहुंचाते हैं। आमतौर पर देखा जाता है कि लोग अपने भोजन में कुछ भी खा लेने और पेट भरने तक सीमित होते हैं। जिसका परिणाम होता है कि उनकी त्वचा को पर्याप्त पोषण नहीं मिलता है और चेहरे की कोमलता और चमक जाती रहती है। 


1. अनाज का सेवन : त्वचा को खूबसूरत बनाने के लिए अनाज, दालों, ताजे और कच्चे फलों, सब्जियों, हरी पत्तेदार सब्जियों, मांस और मछली को अपने भोजन में शामिल करें। 


2. एंटीऑक्सीडेंट फूड :  झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार जरूरी है, यह फ्री रेडिकल्स के नुकसान से बचाते हैं। झुर्रियों से बचने के लिए ब्लैक बेरी, स्ट्रॉबेरी, ब्ल्यू बेरी, क्रैनबेरी और आर्टीचोक का सेवन करें। 


3. तरल पदार्थ लें :  चेहरे के दाग-धब्बों से छुटकारा पाने के लिए पानी से बेहतर कुछ भी नहीं, यह शरीर के विषैले पदार्थो को बाहर निकालने में मदद करता है। आप हर्बल टी, सूप, फल व सब्जियों का जूस पी सकती हैं, क्योंकि जिनमें 10 प्रतिशत पानी होता है। यह त्वचा पर चमक भी लाता है और कसावट भी। दिनभर में नियमित रूप से कम से कम डेढ़ लीटर पानी अवश्य पीएं। 


4. प्रोटीन भी है जरूरी :   प्रोटीन भी त्वचा के लिए बेहद जरूरी होता है। इसलिए अपने भोजन में नियमित रूप से प्रोटीन लें। अपने भोजन में सफेद मीट, मछली, अंडा, दूध, दही, पनीर, सोयाबीन, और दालों को शामिल करें। इससे आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन प्राप्त होगा। क्योंकि प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थ के सेवन से त्वचा की कोशिकाओं के निर्माण में वृद्धि होती है। 


5. विटामिन सी का भी हो साथ :  नींबू, आंवला, संतरा, अंकुरित दाल और हरी मिर्च में विटामिन सी पाया जाता है। इसे अपने आहार का हिस्सा बनाएं। क्योंकि त्वचा के लिए विटामिन सी भी बहुत जरूरी है। विटामिन सी त्वचा के लचीलेपन और कोलोजन को सुधारने में सहायक होता है। 


6. मौसमी फल ही खाएं :  बीजों वाले फल जैसे पपीता, तरबूज, खरबूजा, अमरूद, आलूबुखारा, जामुन, लीची भी त्वचा के लिए फायदेमंद होते हैं। मौसमी फल खाएं यह त्वचा को भरपूर पोषण देंगे। इससे त्वचा कोमल और चमकदार होती है। त्वचा के लिए एंटीऑक्सीडेंट्स बेहद जरूरी है। यह त्वचा को नष्ट होने से बचाते हैं। इससे न सिर्फ आपकी त्वचा कोमल और खूबसूरत होगी बल्कि आपका स्वास्थ्य और शरीर भी स्वस्थ और अंदरूनी तौर पर मजबूत होगा। 


7. सलाद खाएं :  चमकदार त्वचा के लिए ज्यादा से ज्यादा हरे सलाद को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, इनमें बीटा कैरोटिन, विटमिन सी और विटमिन ई पाए जाते हैं, जो त्वचा को बेहतर बनाने वाले महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट्स हैं। एवोकैडो में विटामिन ई पाया जाता है जो सौन्दर्य बढ़ाने में सहायक होता है।


8. विटामिन ई खाना है फायदेमंद :  विटमिन ई और जिंक रूखी त्वचा को नमी और कांति प्रदान करते हैं, यह सी फूड, एवोकैडो, मेवे व राजमा, फ्लेक्स सीड, सोयाबीन, लोबिया में पाए जाते हैं, ओमेगा-3 फैट्स सिर्फ ऑयली मछली जैसे सालमन में पाए जाते हैं, जो त्वचा की खोई हुई नमी को लौटाता है।

आयुर्वेद से गोरापन पाए

 गोरेपन को खूबसूरती का पैमाना माना जाता है। इसी खूबसूरती को हासिल करने के लिए तरह-तरह के उपाय भी किए जाते हैं। महंगी से महंगी क्रीम, लोशन आदि सबका उपयोग 

किया जाता है। लेकिन यह भी सच है कि रंगत केवल एक ही रात में नही बदली जा सकती इसमें समय लगता है। अगर आप भी अपनी रंगत को गोरा करना चाहते है तो घर में 

उपलब्‍ध चीजों की सहायता से ऐसा किया जा सकता है।

आइए जानें घरेलू उपायों के बारें में एक बाल्टी ठण्डे या गुनगुने पानी में दो नींबू का रस मिलाकर गर्मियों में कुछ महीने तक नहाने से त्वचा का रंग निखरने लगता है।


• आंवले का मुरब्बा रोज खाने से दो-तीन महीने में ही रंग निखरने लगता है।

• गाजर का जूस आधा गिलास खाली पेट सुबह लेने से एक महीने में रंग निखरने लगता है।

• पेट को हमेशा ठीक रखें, कब्ज न रहने दें।

• अधिक से अधिक पानी पीएं।

• चाय कॉफी का सेवन कम करें।

• रोजाना सुबह शाम खाना खाने के बाद थोड़ी मात्रा में सोंफ खाने से खून साफ होने लगता है और त्वचा की रंगत बदलने लगती है। गोरी त्वचा पाने के घरेलू उबटन- इन सब 

उपायों के अलावा आप विभिन्न प्रकार के घरेलू उबटन लगा कर भी अपनी त्वचा की रंगत निखारी जा सकती है।


• हल्दी पैक- त्वचा की रंगत को निखारने के लिए हल्दी एक अच्छा तरीका है। पेस्ट बनाने के लिए हल्दी और बेसन या फिर आटे का प्रयोग करें। हल्दी में ताजी मलाई, दूध और आटा मिला कर गाढा पेस्ट बनाएं, इस पेस्ट को अपने चेहरे पर 10 मिनट लगाएं और ठंडे पानी से धो लें।


• हनी आल्मड स्क्रब-बादाम भी रंगत निखारने का काम करता है। रात को 10 बादाम पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उसे छील कर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट में थोड़ा सा शहद मिलाएं और इस पेस्ट को अपनी त्वचा पर लगाकर स्क्रब करें। 


• चंदन - गोरी रंगत देने के अलावा यह एलर्जी और पिंपल को भी दूर करता है। पेस्ट बनाने के लिए चंदन पाउडर में 1 चम्मच नींबू और टमाटर का रस मिलाएं और पेस्ट को अपने चेहरे और गर्दन में अच्छी तरह से लगाकर थोड़ी देर बाद ठंडे पानी से धो लें।


• केसर पैक - उबटन बनाने के लिए आपको दही और क्रीम में थोड़ा सा केसर मिला लें। इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाएं। सूखने के बाद इसे धो लें। केसर के इस उबटन से भी कुछ दिन में आपकी त्वचा गोरी होने लगेगी। 


• चिरौंजी का पैक - गोरी रंगत के लिए मजीठ, हल्दी, चिरौंजी का पाउडर लें इसमें थोड़ा सा शहद, नींबू और गुलाब जल मिलाकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे, गरदन, बांहों पर लगाएं और एक घंटे के बाद चेहरा धो दें। ऐसा सप्ताह में दो बार करने से चेहरे का रंग निखर जाएगा। 


• मसूर दाल पैक - मसूर की दाल का पाउडर लें इसमें अंडे की जर्दी, नीबू का रस व कच्चा दूध मिलाकर पेस्ट बना लें। रोज इस पेस्ट को चेहरे पर लगाएं, सूखने पर ठंडे पानी से धो लें। चेहरे का रंग निखर जाएगा। 


• बेसन का उबटन - बेसन 2 चम्मच, सरसों का तेल 1 चम्मच और थोड़ा सा दूध मिला कर पेस्ट बना लें। पूरे शरीर पर इस उबटन को लगा लें। कुछ देर बाद हाथ से रगड कर छुडाएं और स्नान करें। त्वचा गोरी व मुलायम हो जाएगी। 


इन सब घरेलू उपायों को अपना कर आप कुछ ही दिनों में स्वस्थ, सुंदर, चमकदार और गोरी त्वचा पा सकती है

सौंदर्यवर्द्घक सब्जियां

 सब्जियां सिर्फ सेहत के लिए ही उपयोगी नहीं होतीं, बल्कि ये आपकी सुंदरता में भी इजाफा कर सकती हैं। यकीन नहीं होता? तो आजमाइए इन असरदार उपायों को। दिन-ब-दिन निखरती त्वचा आपको अहसास दिला देगी कि सब्जियां सौंदर्यवर्द्घक भी होती हैं।


मस्त लाल टमाटर : टमाटर के रस में नीबू का रस मिलाकर लगाने से खुले रोम छिद्रों की समस्या दूर होती है। तैलीय त्वचा होने पर टमाटर को आधा काटकर चेहरे पर रगड़ें। कुछ देर बाद चेहरा धोकर पोंछ लें। ऐसा करने से अतिरिक्त तैलीयता दूर होती है।


भरोसेमंद आलू : आलू की पतली स्लाइसें आंखों पर रखने से थकी आंखों को राहत मिलती है। कच्चे आलू का रस आंखों के डार्क सर्कल्स दूर करता है। आलू उबालने के बाद बचा पानी फेंकिए नहीं, इसमें कुछ देर हाथ डुबोकर रखें, फिर साफ पानी से धोएं। आपके हाथ साफ व मुलायम हो जाएंगे।


रसीला खीरा : खीरा नैचुरल क्लींजर है। ऑइली स्कीन वालों के लिए यह बेदह लाभप्रद है। खीरे के रस में चंदन पावडर मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे चेहरे पर लगाएं। कुछ देर बाद धो लें। इसके नियमित प्रयोग से चेहरा झाइयों रहित हो जाएगा। इसके अलावा खीरा (ककड़ी) के रस में गुलाबजल एवं कुछ बूंदें नीबू का रस मिलाकर लगाने से चेहरे का रंग साफ होता है।


महकता पुदीना : महकता पुदीना आपको मुंहासों की समस्या से मुक्ति दिला सकता है। पुदीना पेस्ट में चंदन चूरा एवं मुल्तानी मिट्टी मिलाकर चेहरे पर लगाएं। सूखने पर धो लें। इसका नियमित इस्तेमाल पिंपल्स दूर करने में सहायक है।


सलाद की शान मूली : मूली आपके मुरझाए चेहरे में नई जान डाल सकती है। मूली के रस में मक्खन मिलाकर नियमित चेहरे पर लगाने से रुखापन एवं झाइयां दूर होती हैं। मूली का रस ब्लैकहेड्स से निजात दिलाता है।


हर्बल स्नान

 ऐश्वर्या राय बच्चन , जो खुद को एक स्वस्थ कायाकल्प के लिए एक भव्य हर्बल स्नान में लिप्त उन मशहूर हस्तियों में से एक है . वहाँ कुछ भी नहीं और अधिक को पुनर्जीवित करने और एक हर्बल स्नान के रूप में पुनः सशक्त .


हालांकि , एक स्पा में एक हर्बल स्नान उच्च कीमत चक्कर माना जाता है और कई लोगों को नहीं एक स्पा में एक हर्बल स्नान के लिए जा सकते हैं . एक ऐसी दुनिया जहां सभी तो पर्यावरण के अनुकूल होते जा रहे हैं हर दिन , एक हर्बल स्नान करने के लिए घरों में जड़ी बूटियों की विविधता लाने के लिए सबसे अच्छा तरीका है .


जड़ी बूटी के लगभग हर सौंदर्य उत्पाद nowsdays के मूल तत्व हैं , कि आप इस दिशा में एक अंधे आँख बारी नहीं कर सकते . हर्बल स्नान जो एक फ्रेंच लड़की जो हर्बल स्नान concoctions का इस्तेमाल करने के लिए उसकी त्वचा जवान और सुंदर रखने की कहानी बताता है पर एक फ्रांसीसी कथा है .


यह माना जाता है कि निनोन डी Lenclos , लड़की , जवान से 70 वर्ष की उम्र में भी आकर्षित किया गया था . उसे कई सौंदर्य रहस्य के अलावा , हर्बल स्नान भी एक जगह मिल . आप अपने आप को एक स्पा के लिए जा रहा बिना एक हर्बल स्नान का इलाज देकर उसके पैर चरणों का पालन कर सकते हैं .


यहां दिए गए हैं कुछ हर्बल स्नान मिश्रणों कि अपनी जेब में है कि हानिकारक छेद छोड़ने के बिना घर पर बनाया जा सकता है .



हर्बल स्नान व्यंजनों


सूखा या Chapped त्वचा के लिए हर्बल स्नान ब्लेंड


सामग्री :

सूखे गुलाब की पंखुड़ियों -1 कप

सूखे लैवेंडर फूल - आधा कप

जाली 12 -X 24 "

कैसे बनाने के लिए

जाली लो , यह आधे से 12 " चौकोर टुकड़ा बनाने में गुना एक .

कपड़ा अंदर मिश्रण रखें .

बाँध एक साथ समाप्त होता है .

यह एक सॉस पैन ( एल्यूमीनियम एक तांबे या नहीं ) में रखें और उबलते पानी 1 और 1/2 quarts जोड़ने की . सॉस पैन कवर और यह कम से कम एक घंटे के लिए रहते हैं .

जब गर्म चल नहाने के पानी में जलसेक तरल के साथ साथ तैयार पाउच जोड़ते हैं .

एक सोख अच्छा लो , समय - समय पर पाउच फैलाएंगे .

मांसपेशियों में दर्द और कड़ी जोड़ों के लिए हर्बल स्नान


सामग्री :


सूखे नींबू बाम पत्तियां आधा कप

सूखे दौनी के पत्तों आधा कप

सूखे कैमोमाइल फूल ¼ कप

जाली 12 -X 24 "



कैसे बनाने के लिए

कपड़ा ले लो , यह आधे से 12 एक " चौकोर टुकड़ा बनाने में गुना .

बीच में पूरे मिश्रण रखो और यह टाई के आसपास .

एक सॉस पैन में पाउच रखो और उबलते पानी की 1 और साढ़े और कम से कम एक घंटे के लिए खड़ी जोड़ें quarts .

अपने गर्म चल नहाने के पानी के पाउच के साथ जलसेक तरल जोड़ें .

समय पर अपने गर्म हर्बल पाउच फैलाएंगे स्नान कर लो .


सर्दी और भीड़ के लिए हर्बल स्नान


सामग्री :


अजवायन के फूल सूख के पत्तों आधा कप

सूखे बाबा पत्तियां -1 कप

सूखे दौनी पत्ते - ¼ कप

जाली 12 -X 24 "


बनाने के लिए कैसे :


जाली लो और आधे में गुना , यह 12 " एक चौकोर टुकड़ा बना .

कपड़े के केंद्र में मिश्रण डालो और एक साथ टाई समाप्त होता है .

एक सॉस पैन में पाउच प्लेस और उबलते पानी की 1 और 1/2 quarts जोड़ने .

सॉस पैन कवर और एक घंटे के लिए रख .

तैयार एक बार आप जलसेक तरल के साथ अपने गर्म पानी चल रहा पाउच डाल सकते हैं

आप एक पानी में भिगोना करने के लिए अच्छा है , समय पर पाउच फैलाएंगे कर सकते हैं .


साँवली त्वचा की खूबसूरती

 यूँ तो साँवली त्वचा की खूबसूरती पर कवियों ने अपनी कलम खूब चलाई है। बावजूद इसके सांवला रंग युवा वर्ग में परेशानी का सबब बना हुआ है। गोरेपन की क्रीम के झांसे में फंसने के बजाय बेहतर होगा कि अपनी त्वचा को निखरी और सलोनी बनाने के प्रयास किए जाए। 


दुनिया की कोई भी क्रीम आपको गोरा नहीं बना सकती अत: आपको जो त्वचा प्राकृतिक रूप से मिली है उसी को स्वस्थ और आकर्षक बनाने के जतन करने चाहिए। 


सांवली त्वचा को सलोनी रंगत देने के लिए अपनी मजीठ, हल्दी, चिरौंजी 50-50 ग्रा. लेकर पाउडर बना लें। एक-एक चम्मच सब चीजों को मिलाकर इसमें 6 चम्मच शहद मिलाएं और नींबू का रस तथा गुलाब जल डालकर पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को चेहरे, गरदन, बांहों पर लगाएं और एक घंटे के बाद गुनगुने पानी से चेहरा धो दें। ऐसा सप्ताह में दो बार करने से चेहरे का सांवलापन दूर होकर रंग निखर आएगा। 


नींबू व संतरे के छिलकों को सुखाकर चूर्ण बना लें। इस पाउडर को हफ्ते में एक बार बिना मलाई के दूध में मिलाकर लगाएं, त्वचा में आकर्षक चमक आएगी। जाड़े के दिनों में दूध में केसर या एक चम्मच हल्दी का सेवन करने से भी रक्त साफ होता है।